सजा राजस्थान की संस्कृति का रंग

नई दिल्ली। भजनलाल शर्मा ने राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में आयोजित राजस्थान उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ किया। 15 से 25 मार्च तक चलने वाला यह उत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, लोकसंगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक व्यंजनों की झलक प्रस्तुत कर रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, लोक परंपराएं और कला हमारी गौरवशाली पहचान का आधार हैं। राज्य सरकार इनके संरक्षण और संवर्धन के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव देश-विदेश के लोगों को राजस्थान की जीवंत सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने मेले में राजीविका और ग्रामीण गैर-कृषि विकास एजेंसी (रूडा) की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिल्पकारों और राजीविका से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों से संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। हस्तशिल्प उत्पादों, पारंपरिक वस्त्रों और कलात्मक कृतियों की सराहना करते हुए उनके कार्य और अनुभवों के बारे में जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, उत्पादों की बिक्री और आजीविका के अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे आयोजन शिल्पकारों और महिला समूहों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ उनकी आय बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
इस मौके पर बीकानेर हाउस परिसर में राजस्थानी फोटोग्राफी प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें प्रदेश के लोकजीवन, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक परंपराओं को आकर्षक तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में अलवर के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण प्रजापत ने पारंपरिक मटका भवाई नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं कलाकार विष्णु दत्त शर्मा ने “ब्रज के रंग”, मयूर नृत्य और फूलों की होली की रंगारंग प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर सांसद मदन राठौड़, घनश्याम तिवाड़ी, पी. पी. चौधरी, दामोदर अग्रवाल, मंजू शर्मा, चुन्नीलाल गरासिया, राजेन्द्र गहलोत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी, आवासीय आयुक्त नवीन जैन सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

